Book Reviews Old NCERT:-

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पुस्तक का नाम:- प्राचीन भारत

(OLD NCERT) के नाम से प्रचलित

लेखक:- राम शरण शर्मा (R.S. Sharma)

RS Sharama प्राचीन भारत
RS Sharma

प्रकाशक: NCERT

अनुवादक: गुणाकर मुले

प्रकाशित(प्रथम संस्करण):- अक्टूबर 1990, दसवाँ संस्करण:- अगस्त 2003

ISBN:- 817450379X

मूल्य: ₹75-80** (मुद्रित नही है) Offline Price

पृष्ठ:- 293

माध्यम:- हिंदी

rs sharma book review

लेखक परिचय:-

राम शरण शर्मा प्राचीन एवं पूर्व मध्यकालीन भारतीय इतिहास के प्रमुख एवम विख्यात इतिहासकार थे व पटना विश्विद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय व टोरंटो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रहे थे और प्राच्य और अफ्रीकी अध्ययन, लंदन विश्विद्यालय में एक वरिष्ठ सदस्य भी थे। डॉ शर्मा ऐतिहासिक शोध के भारतीय परिषद के संस्थापक सदस्य भी थे।

RS Sharma prachin bharat in hindi

किताब के बारे में:-

पुस्तक प्राचीन भारत के बारे में बुनियादी जानकारी के लिए अच्छी पुस्तक है। पुस्तक में प्रस्तर काल से शुरुआत करते हुए पूर्व मध्यकाल तक के बारे में बताया गया है। पुस्तक में कुल 29 अध्याय है जिसमे इतिहास से संबंधित राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक/धार्मिक आदि विषयों के बारे में बताया गया है और प्रयास किया गया है कि सभी जरूरी बातो को पुस्तक में समाहित किया जाए।

रामशरण शर्मा प्राचीन भारत book review

विषय सूची

1.प्राचीन भारतीय इतिहास का महत्व

2.प्राचीन भारतीय इतिहास के आधुनिक लेखक

3.स्रोतों के प्रकार व इतिहास का निर्माण

4.भौगौलिक ढांचा

5.प्रस्तर युग: आदिम मानव

6.ताम्रपाषाण कृषक संस्कृतियां

7.हड़प्पा संस्कृति: कांस्य युग सभ्यता

8.आर्यो का आगमन व ऋग्वैदिक युग

9.उत्तर वैदिक अवस्था: राज्य व वर्ण व्यवस्था की ओर

10.जैन व बौद्ध धर्म

11.जनपद- राज्य व प्रथम मगध साम्राज्य

12.ईरानी व मकदुनियाई आक्रमण

13.बौद्ध काल मे राज्य व वर्ण-समाज

14.मौर्य युग

15.मौर्य शासन का महत्व

16.मध्य एशिया से संपर्क और उनके परिणाम

17.सातवाहन युग

18.सुदूर दक्षिण में इतिहास का आरंभ

19.मौर्योत्तर युग मे शिल्प, व्यापार व नगर

20.गुप्त साम्राज्य का उदभव व विकास

21.गुप्त काल का जीवन

22.पूर्वी भारत मे सभ्यता का प्रसार

23.हर्ष और उसका काल

24.प्रायद्वीप में नए राज्यो के गठन और ग्राम विस्तार

25.दर्शन का विकास

26.भारत का एशियाई देशो से सांस्कृतिक संपर्क

27.प्राचीन से मध्यकाल की ओर

28.सामाजिक परिवर्तनो का अनुक्रम

29.विज्ञान व सभ्यता का विकास

Old ncert rs sharma book reviews

विश्लेषण:-

1.पुस्तक का आकार सामान्य है।

2.सरल भाषा का प्रयोग किया गया है जिस कारण ये आसानी से समझ आ जाती है।

3.प्रत्येक अध्याय के बाद प्रश्नों को पूछा गया है। जिसमे लघु से दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल है।

4.पुस्तक में जहाँ-जहाँ आवश्यक है चित्र व मानचित्रों का प्रयोग किया गया है।

5.छपाई की गुणवत्ता ज़्यादा अच्छी नही है (पढणीय है), परंतु इसमे सुधार की आवश्यकता है। हालांकि नए प्रकाशक(Orient Black sena) से छपी पुस्तक में इसका निदान है। पृष्ठों की गुणवत्ता भी सामान्य है।

6.शब्दो के आकार थोड़े छोटे है जिन्हें थोड़ा और बड़ा होना चाहिए था।

7.पुस्तक रंगीन नही है।

निष्कर्ष:-

प्राचीन भारत के विद्यार्थियों के लिए ये पुस्तक एक अच्छा विकल्प है। प्रतियोगी परीक्षा(UPSC, State Civil Service, NET-JRF,Other Govt. Exams) की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी इस किताब से अपनी तैयारी करते है। परीक्षा में सफल होने वाले बहुत से अभ्यर्थी भी इस किताब को पढ़ने की सलाह देते है। इसी के साथये किताब उन व्यक्तियों को भी पढ़ना चाहिए जो प्राचीन भारत के इतिहास के बारे में रुचि रखते है और इसके बारे में पढ़ना चाहते है। अंत मे, ये पुस्तक एक ऐसी पुस्तक है जो कि पाठक को अवश्य पढ़नी चाहिए।

पुस्तक का नाम:- मध्यकालीन भारत 

(Old NCERT के नाम से प्रचलित)


लेखक:- सतीश चंद्र( Satish Chandra)

Old NCERT Satish Chandra
Satish Chandra


अनुवादक:- आदित्य नारायण सिंह


प्रकाशक:- NCERT 


प्रकाशन वर्ष:- अक्टूबर 1990, 10वां संस्करण:- मार्च 2005


ISBN:- 817450379X 


मूल्य:- 75** (मुद्रित नही है) Offline Price


पृष्ठ:- 363


भाषा:- हिंदी


उपयोगी:- UPSC, State Civil Services & Other Govt. Exams 

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लेखक परिचय:- 


सतीश चंद्र मध्यकालीन भारतीय इतिहास के जाने माने लेखक है इन्होंने JNU विश्वविद्यालय में इतिहास के प्राध्यापक तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उप चेयरमैन तथा बाद में चेयरमैन(1972-81), सिविल सेवा परीक्षा की पूर्णावलोकन समिति के भी चेयरमैन(दिल्ली) रह चुके है। मौलाना आज़ाद एशियाई अध्ययन संस्थान के कार्यकारी चेयरमैन तथा भारतीय इतिहास कांग्रेस द्वारा निर्मित “भारत की इतिहास योजना” वाले दर्जनभर पुस्तक खंडो के सचिव रह चुके है। 

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पुस्तक के बारे में:- 


पुस्तक की शुरुआत 8वी सदी से जो कि मुगल काल के पतन तक का इतिहास बताती है। पुस्तक में कुल 20 अध्याय है जिसमे मध्यकालीन भारतीय इतिहास से संबंधित राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहलुओ को लेखक द्वारा ध्यान में रखकर लिखा गया है। पुस्तक को मुख्य रूप से 3 भागो में बांट सकते है सल्तनत से पहले का काल, सल्तनत काल तथा मुगल काल।

सतीश चंद्र मध्यकालीन भारत

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विषय सूची:- 


1.भारत व बाहरी दुनिया


2.उत्तर भारत: तीन साम्राज्यों का काल(आठवी से दसवीं सदी)


3.चोल साम्राज्य: नवीं से बारहवीं सदी


4.आर्थिक तथा सामाजिक जीवन, शिक्षा और धार्मिक विश्वास (800- 1200 ई.)


5.संघर्ष का युग(ल. 1000- 1200ई.)


6.दिल्ली सल्तनत 1 (ल.1200- 1400ई.) ममलुक सुल्तान


7.दिल्ली सल्तनत 2 (ल. 1200-1400ई.) खलजी व तुग़लक़


8.दिल्ली सल्तनत के अधीन शासन व आर्थिक तथा सामाजिक जीवन


9.विजयनगर व बहमनियों का काल तथा पुर्तगालियो का आगमन( ल. 1350- 1565ई.)


10.उत्तर भारत में साम्राज्य के लिए संघर्ष- 1(ल. 1400- 1525ई.)


11.भारत मे सांस्कृतिक विकास( तेरहवी से पंद्रहवी सदी तक)


12.उत्तर भारत मे साम्राज्य के लिए संघर्ष 2 मुगल व स्थापना ( 1524- 1555ई.)


13.मुगल साम्राज्य का दृढ़ीकरण(अकबर काल)


14.दकन व दक्षिण भारत (1665 ई. तक)


15.सत्रहवीं सदी के पूर्वार्द्ध में भारत


16.मुगलो के अधीन आर्थिक व सामाजिक जीवन


17.सांस्कृतिक व धार्मिक गतिविधियाँ


18.मुगल साम्राज्य का चर्मोत्कर्ष और विघटन 1


19.मुगल साम्राज्य का चर्मोत्कर्ष और विघटन 2


20.मूल्यांकन औऱ समीक्षा

Old NCERT Satish Chandra Book Review

विश्लेषण:- 


1.पुस्तक मध्यम आकार में है। 


2.आसान भाषा का प्रयोग किया गया है।


3.पुस्तक रंगीन नही है।


4.पुस्तक में मानचित्र व चित्रो का प्रयोग किया गया है।


5.छपाई की गुणवत्ता ज़्यादा अच्छी नही है। पृष्ठों की गुणवत्ता भी ज़्यादा अच्छी नही है।


6.शब्दो का आकार सही है, पठनीय हैं।


7.प्रत्येक अध्याय के अंत मे लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को शामिल किया गया है।

निष्कर्ष:- 


जैसा कि ये पुस्तके मध्यकालीन इतिहास के लिए एके बुनियादी पुस्तक है। पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है। ये उनको भी पढ़नी चाहिए जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास के बारे में जानना चाहते है। अंत मे ये पुस्तक एक अच्छी पुस्तक की श्रेणी में आती है।

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