NCERT Geography Notes Class 8 Chapter 3

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NCERT Geography Notes Class 8 Ch 3 इस अध्याय में खनिज संसाधन के बारे में बताया गया है साथ ही विभिन्न महाद्वीपो में इनकी उपलब्धता के बारे में भी है।

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NCERT Geography Notes

भूगोल  एक रोचक विषय है| ये विषय विश्व के भौगोलिक(भौतिक) परिस्थितियों को जानने में हमारी मदद करता है। वर्तमान समय मे इस विषय में भी छात्रों की रुचि बढ़ती जा रही है। इस विषय को पढ़ने के बाद हम इस विश्व  के बारे में बहुत कुछ जान सकते है और जानते भी है। जिसमे मुख्य रूप से पहाड़ो, पर्वतों,नदियों, महासागरों एवम जीव जगत व पादप जगत की भी जानकारी मिलती है। इस विषय मे सबसे महत्वपूर्ण तत्व है मानचित्र जो कि भौतिक जगत के बारे में हमारी समझ मे और ज़्यादा इज़ाफ़ा करता है। इस विषय मे खगोलशास्त्र(ब्रह्माण्ड) के बारे में बताया गया है।

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इस विषय को पढ़ने को बहुत से फायदे भी है जिसमे पहला ये है कि इससे हमारी भौगोलिक ज्ञान में संवृद्धि करती है। दूसरा फायदा ये है कि ये विषय बहूत से प्रतियोगी परीक्षाओं में भी हमारी मदद करता है| भूगोल विषय मे सूचनाओं व रोचक जानकारियों का भी भरमार है जिसमें हमें सामान्य अध्ययन के बहूत से सवालो का जवाब मिलता है| भूगोल हमे ये समझने में भी मदद करता है जिन परिस्थितियों में आज हम जी रहे है वही परिस्थितियां पुराने समय मे कैसी थी और समय के साथ इसमें कैसे बदलाव आया है। भूगोल को पढ़ते समय ये हमे विभिन्न भौतिक  परिस्थितियों से अवगत करवाती है जिसमे हम समकालीन समय के विश्व की आपस मे दूसरे देशों के साथ कर सकते है।
NCERT Geography Class 8 इस पुस्तक में संसाधनो बारे में बताया गया है। जिसमे मुख्य रूप से संसाधन, खनिज, कृषि व उद्योग आदि के बारे में बताया गया है। इस पुस्तक में कुल 6 अध्याय है और हमारे द्वारा सभी पाठो के नोट्स तैयार किये गए है।

पिछले अध्याय के बारे में :
इस अध्याय में  प्राकृतिक संसाधनों के भिन्न प्रकारों के साथ साथ वन्य जीवन संसाधन के बारे में है।
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विषयवस्तु

1.संसाधन

2.भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन

3.खनिज और शक्ति संसाधन

4.कृषि

5.उद्योग

6.मानव संसाधन
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अध्याय 3
खनिज और शक्ति संसाधन
प्रस्तावना


इस अध्याय में खनिज संसाधन के बारे में बताया गया है साथ ही विभिन्न महाद्वीपो में इनकी उपलब्धता के बारे में भी है।


1.प्राकृतिक रूप से प्राप्त पदार्थ जिसका निश्चित रासायनिक संघटन हो खनिज, दो प्रकार धात्विक व अधात्विक| 


2.धात्विक दो प्रकार के लौह( लोह अयस्क, मैगनीज) तथा अलौह( सोना, चांदी, तांबा)| अधात्विक में चुना पत्थर, अभ्रक व जिप्सम)|


3.पृथ्वी के अंदर से खनिजो को निकालना खनन- कम गहराई वाला विवृत, अधिक गहराई वाला कुपकी| प्राकृतिक गहराई का खनन प्रवेधन|


4.लौह खनिज- उत्तरी स्वीडन, कनाडा में ताँबा व निकेल के निक्षेप, दक्षिण अफ्रीका में लोहा, क्रोमाइट व प्लेटिनियम| फ्रांस में चुना पत्थर के अवशेष| 


5.एशिया- चीन भारत के पास विशाल लौह अयस्क| चीन, मलेशिया व इंडोनेशिया टिन के उत्पादक| चीन सीसा, एंटीमनी, टंगस्टन के उत्पादन में अग्रणी| 


6.यूरोप लौह अयस्क का अग्रणी उत्पादक| रूस, यूक्रेन, स्वीडन, फ्रांस – ताँबा, सीसा, जस्ता, मैगनीज के निक्षेप|


7.उत्तरी अमेरिका व दक्षिण अमेरिका में भी खनिजो के विशाल भण्डार उपलब्ध है| अफ्रीका हीरा, सोना व प्लैटिनम के सबसे बड़े उत्पादक|


8.ऑस्ट्रेलिया विश्व मे बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक| 


9.अंटार्कटिका- यह का भू-विज्ञान पर्याप्त रूप से सुप्रसिद्ध| कंप्यूटर उद्योग में प्रयुक्त होने वाला सिलिकन- क्वार्ट्ज़ से प्राप्त| 


10.ऊर्जा के परंपरागत स्रोत- कोयला, ईंधन| कोयले से प्राप्त ऊर्जा तापीय ऊर्जा(अंतर्हित धूप)| भारत मे कोयला उत्पादक क्षेत्र रानीगंज, झरिया, बोकारो, तथा धनबाद| 


11.पेट्रोलियम(गाढ़ा काला द्रव)- इससे बने उत्पाद काला सोना कहलाता है|


12.जैसलमेंर, कृष्णा-गोदावरी डेल्टा, त्रिपुरा व मुम्बई के कुछ अपतटीय क्षेत्र| जल विद्युत के अग्रणी उत्पादक क्षेत्र, पराग्वे, नार्वे, ब्राज़ील, चीन| 


13.भारत में भांगरा-नांगल बांध, गांधी सागर, नागार्जुन सागर| ऊर्जा के गैर-परंपरागत स्रोत- सौर, पवन, परमाणु|


14.पवन ऊर्जा के बड़े फार्म- नीदरलैंड, जर्मनी, डेनमार्क, USA, UK, स्पेन| परमाणु ऊर्जा के बड़े उत्पादकों में USA व यूरोप| राजस्थान, झारखंड के पास उरनिम के विशाल भण्डार|


15.भारत मे परमाणु ऊर्जा के केंद्र- तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान व कर्नाटके में|


16.पृथ्वी के अंदर गहराई बढ़ने से तापमान में वृद्धि होती है| पृथ्वी से प्राप्त ऊर्जा भूतापीय ऊर्जा कहलाती है| USA इसका सबसे बड़ा उत्पादक है| भारत में हिमाचल व लद्दाख में इसके केंद्र|


16.ज्वार से उत्पन ऊर्जा ज्वारीय ऊर्जा- कच्छ की खाड़ी में इसके विशाल केंद्र|


17.मृत पौधे व जन्तुओ के अवशेष, गोबर, रसोई के अवशेष को ईंधन में बदल जा सकता है जो कि बायोगैस कहलाता है|  
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अगला अध्याय
इस अध्याय में  कृषि क्षेत्र के बारे में बताया गया है। भारत एक कृषि प्रधान देश है। कृषि के प्रकारो के बारे में भी अध्याय में है।
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